बेटे की मौत का सदमा नहीं सह पाए पिता: तीन महीने बाद फांसी लगाकर दी जान, तालाब किनारे पेड़ से लटका मिला शव
संजय सोनी बालोद।
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया। जिस पिता ने तीन महीने पहले अपने जवान बेटे को खोया था, वह इस दर्द को सहन नहीं कर पाया और आखिरकार जिंदगी से हार मान ली।
मामला बालोद थाना क्षेत्र के ग्राम खल्लारी का है, जहां 40 वर्षीय नामदेव साहू का शव शनिवार सुबह तालाब किनारे एक पीपल के पेड़ से फांसी के फंदे पर लटका मिला। यह दृश्य देखकर ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
जानकारी के अनुसार, नामदेव साहू के 17 वर्षीय बेटे वेदप्रकाश की महज तीन महीने पहले अचानक हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। बेटे की असमय मौत ने पिता को अंदर से पूरी तरह तोड़ दिया था। परिजनों और ग्रामीणों के मुताबिक, इस घटना के बाद से नामदेव गहरे सदमे में थे और उनका मानसिक संतुलन भी ठीक नहीं रह गया था।
बताया जा रहा है कि वे अक्सर अपने बेटे को याद कर गुमसुम रहते थे और इस दर्द से उबर नहीं पा रहे थे। अंततः इसी सदमे ने उन्हें ऐसा कदम उठाने पर मजबूर कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को नीचे उतरवाकर जिला अस्पताल की मर्च्युरी भिजवाया।
बालोद थाना प्रभारी शिशुपाल सिन्हा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। परिजनों के अनुसार मृतक पिछले कुछ समय से मानसिक रूप से परेशान थे। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया, जिसके बाद गांव खल्लारी में उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है।
एक ही घर में दो त्रासदियां, गांव में गहरा शोक
जिस घर में कुछ महीने पहले बेटे की मौत का मातम था, वहीं अब पिता की मौत ने उस परिवार को पूरी तरह से तोड़ दिया है।
ग्रामीणों का कहना है कि ऐसा दर्दनाक मंजर उन्होंने पहले कभी नहीं देखा। हर किसी की आंखें नम हैं और गांव में शोक का माहौल बना हुआ है।

