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दीपक बैज का बड़ा आरोप: कमीशन के चक्कर में ठेकेदारों का भुगतान अटका, धान खरीदी पर भी सरकार घिरी

PHE विभाग में भुगतान लंबित, ठेकेदार ने दी आत्महत्या की चेतावनी | धान खुले में पड़े, खराब होने का खतरा


छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि कमीशनखोरी के कारण ठेकेदारों का भुगतान रोका जा रहा है और वित्तीय प्रबंधन पूरी तरह चरमरा गया है।

दीपक बैज ने कहा कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग में कराए गए कार्यों का भुगतान अब तक कई ठेकेदारों को नहीं किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग में “कमीशन का खेल” चल रहा है, जिसकी वजह से ईमानदारी से काम करने वाले ठेकेदारों को परेशान होना पड़ रहा है।

उन्होंने यह भी दावा किया कि एक ठेकेदार ने भुगतान नहीं होने से परेशान होकर लिखित आवेदन दिया है, जिसमें आत्महत्या करने की चेतावनी तक दी गई है। बैज ने इसे बेहद गंभीर मामला बताते हुए सरकार से तुरंत सभी लंबित भुगतानों को जारी करने की मांग की है।


धान खरीदी को लेकर भी दीपक बैज ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि खरीदी प्रक्रिया को दो महीने पूरे हो चुके हैं, लेकिन अब तक कई केंद्रों में धान का उठाव नहीं हुआ है।

उनके अनुसार, बड़ी मात्रा में धान खुले में पड़ा हुआ है, जिससे बेमौसम बारिश के कारण उसके खराब होने का खतरा बढ़ गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर धान को खराब होने के लिए छोड़ रही है, ताकि बाद में भ्रष्टाचार को छिपाया जा सके।

बैज ने तंज कसते हुए कहा कि भविष्य में सरकार यह कहकर अपनी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश कर सकती है कि “धान चूहे खा गए।”

इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज होने की संभावना है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सत्ता और विपक्ष के बीच टकराव और बढ़ सकता है।

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