बालोद। खुशियों से भरा एक घर… शादी की रौनक, रिश्तेदारों की हंसी, बच्चों की खिलखिलाहट-सब कुछ सामान्य था। लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि यही दिन एक परिवार की जिंदगी में ऐसा अंधेरा लेकर आएगा, जो कभी खत्म नहीं होगा।
जिले के पीपरछेड़ी गांव में तांदूला नहर किनारे वो दोपहर अब एक दर्दनाक याद बन चुकी है। ग्राम धोबनपूरी निवासी यमन गंजीर अपनी 12 वर्षीय मासूम बेटी पल्लवी गंजीर के साथ ससुराल में शादी समारोह में शामिल होने पहुंचे थे। माहौल खुशियों से भरा था, लेकिन किसे पता था कि कुछ ही पलों में सब कुछ बदल जाएगा।
दोपहर के वक्त यमन अपनी बेटी और एक रिश्तेदार युवती के साथ नहर में नहाने उतर गए। बताया जा रहा है कि वे बेटी को तैरना सिखा रहे थे… लेकिन पानी का तेज बहाव और गहराई उनकी समझ से कहीं ज्यादा थी। अचानक तीनों संतुलन खो बैठे और बहने लगे।
किनारे खड़े लोगों की नजर जैसे ही इस मंजर पर पड़ी, चीख-पुकार मच गई। किसी तरह साथ गई युवती को बचा लिया गया… लेकिन यमन और उनकी बेटी पल्लवी तेज बहाव में आंखों के सामने ही दूर चले गए। वो पल ऐसा था, जिसे जिसने देखा, उसकी रूह कांप उठी।
सूचना मिलते ही बालोद कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। रेस्क्यू टीम बुलाई गई, तांदूला जलाशय से नहर का पानी बंद कराया गया और युद्ध स्तर पर तलाश शुरू हुई। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद घटनास्थल से महज 500 मीटर दूर यमन गंजीर का शव मिल गया… लेकिन बेटी पल्लवी का कोई सुराग नहीं था।
रातभर उम्मीद और दहशत के बीच तलाश जारी रही। हर गुजरते पल के साथ परिवार की बेचैनी बढ़ती गई… और आखिरकार, करीब 18 घंटे बाद शुक्रवार सुबह रनचिराई थाना क्षेत्र के बोरगहन गांव के पास नहर में पल्लवी का नन्हा सा निर्जीव शरीर मिला—घटनास्थल से करीब 20 किलोमीटर दूर।
जैसे ही ग्रामीणों ने शव देखा, तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और आगे की कार्रवाई शुरू की… लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। एक पिता और बेटी की कहानी, जो कुछ घंटों पहले तक हंसी से भरी थी, अब हमेशा के लिए खामोश हो चुकी थी।
यह हादसा सिर्फ एक परिवार का दुख नहीं, बल्कि एक कड़वी सच्चाई भी है-नहर और जलाशयों का तेज बहाव कब जानलेवा बन जाए, कोई नहीं जानता। चेतावनियों के बावजूद बिना सुरक्षा के पानी में उतरना, अक्सर ऐसे ही दर्दनाक अंजाम तक पहुंचाता है।
आज पीपरछेड़ी और आसपास के गांवों में सन्नाटा है… हर आंख नम है… और हर जुबान पर एक ही सवाल—
क्या ये हादसा टल सकता था?


