बालोद । डौण्डीलोहारा थाना क्षेत्र से बड़ी क्राइम खबर सामने आई है, जहां SBI कियोस्क सेंटर संबलपुर में बड़े स्तर पर धोखाधड़ी और गबन का मामला उजागर हुआ है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
संबलपुर स्थित SBI कियोस्क सेंटर में हुए लाखों रुपये के गबन और धोखाधड़ी मामले में अब नए-नए खुलासे सामने आ रहे हैं। पुलिस जांच के साथ-साथ ग्रामीणों की चर्चाओं ने भी मामले को और गंभीर बना दिया है।
सूत्रों के अनुसार ग्राम संबलपुर में यह भी चर्चा है कि आरोपी अमित निषाद के अचानक बदले रहन-सहन और खर्चीले अंदाज ने पहले ही लोगों को हैरान कर दिया था। बताया जा रहा है कि आरोपी ने खाताधारकों के पैसों की हेराफेरी कर अपनी शादी बेहद धूमधाम से की थी, जिसे देखकर गांव के लोग भी अचंभित रह गए थे। अब जब पूरा मामला उजागर हुआ है, तब ग्रामीणों को समझ में आया कि यह खर्च में भोले-भाले खाताधारकों की खून-पसीने की कमाई से गबन किया गया राशि का हिस्सा था।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी मुख्य रूप से कम पढ़े-लिखे और उम्रदराज खाताधारकों को निशाना बनाते थे। उन्हें एफडी-आरडी कराने का झांसा देकर या बैंकिंग प्रक्रिया के नाम पर अंगूठा लगवाकर उनके खातों से रकम निकाल ली जाती थी। इसके अलावा, कई मामलों में जब खाताधारक अपने खाते में पैसे जमा कराने आते थे, तो आरोपी रकम अपने पास रख लेते थे और खाते में जमा ही नहीं करते थे।
सूत्रों के अनुसार, एक-एक खाताधारक के खाते से ₹1,000 से लेकर ₹40-50 हजार तक की हेराफेरी की गई है। वहीं, शिकायतकर्ता की रिपोर्ट के आधार पर कुल लगभग ₹9,01,000 की धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है।
जब पीड़ितों को ठगी का अहसास हुआ और वे अपने पैसे वापस मांगने पहुंचे, तो आरोपी अमित निषाद द्वारा उन्हें लगातार टाला जाता रहा। वह अक्सर जमीन बेचकर पैसे लौटाने का आश्वासन देता था, लेकिन रकम वापस नहीं की गई।
पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी विरेन्द्र गिरी गोस्वामी और अमित निषाद को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। पुलिस की माने तो जांच के दौरान दोनों के बीच आपसी लेन-देन के भी साक्ष्य मिले हैं।
घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश है वही आशंका जताई जा रही है कि और भी पीड़ित सामने आ सकते हैं, जिससे घोटाले की रकम और बढ़ सकती है। पुलिस द्वारा मामले की विस्तृत जांच जारी है।


