दुर्ग | छत्तीसगढ़
दुर्ग में एक रिश्ते का अंत इतना खौफनाक होगा, शायद किसी ने सोचा भी नहीं था।
जहां कभी साथ जीने-मरने की कसमें खाई गईं, वहीं अब खामोशी और मातम पसरा है।
दोस्ती से प्यार… और फिर दरार
यूनेश्वरी वर्मा और कार्तिक राम साहू-दो नाम, जो पढ़ाई के दौरान करीब आए।
कॉलेज के गलियारों में शुरू हुई दोस्ती धीरे-धीरे मोहब्बत में बदल गई।
लेकिन वक्त के साथ इस रिश्ते में भरोसे की जगह शक ने ले ली।
शक की आग में जला रिश्ता
छोटी-छोटी बातों पर बहस…
बार-बार के झगड़े…
और फिर एक दिन वही शक, गुस्से में बदल गया।
कार्तिक ने यूनेश्वरी को अपने कमरे पर बुलाया-शायद बात साफ करने के लिए…
लेकिन वहां जो हुआ, उसने सब कुछ खत्म कर दिया।
गुस्से में बना कातिल
बहस इतनी बढ़ी कि कार्तिक ने अपना आपा खो दिया।
गुस्से में उसने यूनेश्वरी का गला दबा दिया…
और कुछ ही पलों में, एक प्यार भरा रिश्ता मौत की खामोशी में बदल गया।
सच छुपा नहीं सका
आरोप है कि हत्या के बाद युवक ने खुद ही डायल-112 पर कॉल किया—
कहा, “वो बेहोश है…”
लेकिन अस्पताल में डॉक्टरों ने सच्चाई बता दी-
यूनेश्वरी अब इस दुनिया में नहीं थी।
पुलिस की कार्रवाई
पूछताछ में आरोपी टूट गया और अपना गुनाह कबूल कर लिया।
पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर (BNS) की धारा 103(1) के तहत जेल भेज दिया है।
एक कड़वा सच
प्यार, जब भरोसे से भटककर शक में बदलता है,
तो वो रिश्ते नहीं… ज़िंदगियाँ खत्म कर देता है।
अभिभावकों के लिए जरूरी सलाह
- बच्चों से नियमित संपर्क बनाए रखें
- उनके व्यवहार में बदलाव पर ध्यान दें
- दोस्तों और दिनचर्या की जानकारी रखें
- रिश्तों और मानसिक तनाव को लेकर खुलकर बात करें
- किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता लेने की आदत डालें
यह घटना बताती है कि प्यार में बढ़ता शक किस तरह खतरनाक रूप ले सकता है। जागरूकता और संवाद ही ऐसी घटनाओं को रोकने का सबसे बड़ा उपाय है।


