बालोद (डौंडीलोहारा)।
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के डौंडीलोहारा स्थित शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) में हुए दर्दनाक हादसे के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए प्राचार्य को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। छात्र की पांच उंगलियां कटने की घटना के ठीक अगले दिन यह सख्त कदम उठाया गया, जिससे प्रशासन की गंभीरता साफ नजर आ रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, फिटर ट्रेड के छात्र टोकेश्वर कुमार (पिता – पंचराम, निवासी ग्राम संबलपुर) सहित अन्य छात्रों से संस्थान परिसर में शौचालय निर्माण का कार्य कराया जा रहा था। इसी दौरान ट्रॉली से ईंट ढुलाई करते समय संतुलन बिगड़ने से हादसा हो गया, जिसमें टोकेश्वर कुमार के दोनों हाथों की कुल पांच उंगलियां कट गईं। घटना के बाद छात्र को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार जारी है।
घटना की सूचना मिलते ही डौंडीलोहारा के एसडीएम शिवनाथ बघेल मौके पर पहुंचे और तत्काल जांच शुरू की। उन्होंने उसी दिन जांच कर रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी, जिसके आधार पर प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की।
प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई कि संस्थान में छात्रों से गैर-शैक्षणिक कार्य यानी मजदूरी कराई जा रही थी और निर्माण कार्य में उनका उपयोग किया जा रहा था। साथ ही प्राचार्य द्वारा प्रशिक्षण अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार, अभद्र भाषा का प्रयोग और डराने-धमकाने जैसे गंभीर आरोप भी उजागर हुए हैं।
इन्हीं तथ्यों के आधार पर कलेक्टर बालोद की अनुशंसा पर छत्तीसगढ़ शासन के कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग ने प्राचार्य राजेश कुर्रे (वर्ग-2), जो शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान बटेरा (डौंडी-लोहारा) में पदस्थ थे, को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम-9 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
यह घटना न केवल संस्थान की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है, बल्कि छात्रों की सुरक्षा और शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी चिंता बढ़ा रही है। एक दिन की लापरवाही ने एक छात्र की जिंदगी पर गहरा असर डाला है। हालांकि प्रशासन की ओर से 24 घंटे के भीतर की गई कार्रवाई ने सख्त संदेश जरूर दिया है, लेकिन अब सबकी नजर आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई है।


