ई दिल्ली। “ऑपरेशन सिंदूर” की वर्षगांठ आज पूरे देश को उस दर्दनाक पहलगाम आतंकी हमले की याद दिला रही है, जिसने भारत को अंदर तक झकझोर दिया था। 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरन वैली में आतंकियों ने पर्यटकों पर अंधाधुंध गोलियां बरसा दी थीं। इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें ज्यादातर पर्यटक और आम नागरिक थे। लेकिन इस पूरे हमले की सबसे मार्मिक तस्वीर नवविवाहित जोड़े – शुभम द्विवेदी और उनकी पत्नी ईशान्या – की कहानी बनी, जिसने पूरे देश की आंखें नम कर दी थीं।
कानपुर निवासी 31 वर्षीय शुभम द्विवेदी की शादी फरवरी 2025 में हुई थी। शादी के कुछ ही समय बाद वह अपनी पत्नी ईशान्या और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ कश्मीर घूमने पहुंचे थे। बताया गया कि हमले के दौरान आतंकियों ने दोनों को रोका और उनकी पहचान पूछी। जैसे ही आतंकियों को पता चला कि वे हिंदू हैं, उन्होंने ईशान्या के सामने ही शुभम को गोली मार दी। खुशियों से भरी नई जिंदगी एक पल में उजड़ गई। इस घटना ने पूरे देश को भावुक कर दिया था।
इसी हमले में हरियाणा के युवा नौसेना अधिकारी लेफ्टिनेंट विनय नरवाल भी आतंकियों की गोली का शिकार हुए थे। उनकी शादी को महज कुछ दिन ही हुए थे और वह अपनी पत्नी के साथ पहली यात्रा पर कश्मीर पहुंचे थे। उनकी पत्नी का दर्दभरा बयान और सिंदूर उजड़ने की तस्वीरें पूरे देश में आतंकवाद के खिलाफ गुस्से का बड़ा प्रतीक बन गई थीं। बाद में “ऑपरेशन सिंदूर” नाम को भी इसी भावनात्मक प्रतीक से जोड़कर देखा गया।
पहलगाम हमले के बाद पूरे देश में जबरदस्त आक्रोश फैल गया। केंद्र सरकार ने तुरंत हाई लेवल बैठक कर सुरक्षा एजेंसियों को आतंकियों और उनके नेटवर्क पर निर्णायक कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद भारतीय सेना, वायुसेना और सुरक्षा एजेंसियों ने मिलकर “ऑपरेशन सिंदूर” शुरू किया। यह अभियान सिर्फ जवाबी कार्रवाई नहीं था, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ नए भारत की कठोर नीति का ऐलान बन गया।
इस अभियान के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में सक्रिय आतंकी ठिकानों और लॉन्च पैड्स को निशाना बनाया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भारतीय सेना ने जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े कई आतंकी ठिकानों पर सटीक कार्रवाई की। बहावलपुर, मुरीदके और पीओके के कई इलाकों में आतंकियों के ट्रेनिंग कैंप, हथियार भंडार और लॉन्च पैड तबाह किए गए। ड्रोन निगरानी, सैटेलाइट इंटेलिजेंस और हाईटेक हथियारों की मदद से सेना ने बड़ी सटीकता के साथ ऑपरेशन को अंजाम दिया।
भारतीय वायुसेना ने राफेल लड़ाकू विमान, ब्रह्मोस मिसाइल और आधुनिक प्रिसिजन हथियारों का इस्तेमाल करते हुए आतंकियों के कई ठिकानों को ध्वस्त कर दिया। रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि इस कार्रवाई में बड़ी संख्या में आतंकी मारे गए और उनके कई ट्रेनिंग नेटवर्क पूरी तरह बर्बाद हो गए। हमले के बाद पाकिस्तान में भारी हलचल मच गई थी और सीमा पार आतंकी संगठनों में दहशत फैल गई थी।
भारत की इस कार्रवाई के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पाकिस्तान पर दबाव बढ़ा। दुनिया के कई देशों ने आतंकवाद के खिलाफ भारत के सख्त रुख का समर्थन किया। वहीं भारत ने साफ संदेश दिया कि अब देश की सुरक्षा और नागरिकों के खून का जवाब हर हाल में दिया जाएगा।
वर्षगांठ पर भारतीय वायुसेना का संदेश – “भारत न भूलता है, न माफ करता है” – आज फिर देशभर में गूंज रहा है। सोशल मीडिया पर #OperationSindoor, #IndianArmy और #NewIndia लगातार ट्रेंड कर रहे हैं। लोग सेना के साहस और सरकार के मजबूत फैसलों की जमकर सराहना कर रहे हैं। यह संदेश आज भी आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ इच्छाशक्ति का प्रतीक माना जा रहा है।
लोग शुभम-ईशान्या और विनय नरवाल जैसे उन परिवारों को याद कर रहे हैं जिनकी खुशियां आतंकियों ने छीन लीं। पहलगाम की वह दर्दनाक घटना आज भी देश को यह याद दिलाती है कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई सिर्फ सीमाओं की नहीं, बल्कि हर भारतीय की भावनाओं और सम्मान की लड़ाई है।


