ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क का भंडाफोड़, 55 लाख की कारें-मोबाइल जब्त, दूसरे राज्यों तक जुड़े तार
रायपुर में आईपीएल मैचों के दौरान ऑनलाइन सट्टे का बड़ा खेल चल रहा था। शहर के पॉश इलाके में लग्जरी कार के अंदर बैठकर मोबाइल फोन के जरिए करोड़ों के ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क को ऑपरेट किया जा रहा था। लेकिन पुलिस की पैनी नजर और मुखबिर की सूचना ने पूरे खेल का पर्दाफाश कर दिया।
रायपुर पुलिस कमिश्नरेट की एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और तेलीबांधा थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में तीन कथित ऑनलाइन सटोरियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों की पहचान नमन जग्गी, आयुष जैन और मोहम्मद सरफराज मामदानी के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से मोबाइल फोन, नगदी और दो लग्जरी कारें जब्त की हैं। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 55 लाख रुपये बताई जा रही है।
36 मॉल के पास कार में बैठकर खेला जा रहा था सट्टा
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि तेलीबांधा थाना क्षेत्र स्थित 36 मॉल के पास एक कार में बैठकर आईपीएल मैच पर ऑनलाइन सट्टा खिलाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला और डीसीपी उमेश प्रसाद गुप्ता के निर्देश पर संयुक्त टीम सक्रिय हुई और मौके पर पहुंचकर संदिग्ध वाहन की घेराबंदी कर दी।
कार में बैठे युवक से पूछताछ करने पर उसने अपना नाम नमन जग्गी निवासी कोतवाली, रायपुर बताया। जब पुलिस ने उसका मोबाइल चेक किया तो उसमें Gold777.com नामक ऑनलाइन बेटिंग आईडी के जरिए क्रिकेट सट्टा संचालित करना सामने आया।
पूछताछ में खुला बड़ा नेटवर्क
नमन जग्गी से पूछताछ के दौरान पुलिस को इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने राजेंद्र नगर निवासी आयुष जैन और गोलबाजार निवासी मोहम्मद सरफराज मामदानी को भी दबोच लिया।
जांच में पता चला कि आयुष जैन jmdbet777.com और AllpaneleXch9.co नाम की वेबसाइटों के जरिए ऑनलाइन सट्टा चला रहा था, जबकि मोहम्मद सरफराज मामदानी silverbet777.club नामक प्लेटफॉर्म से बेटिंग आईडी बेचने और सट्टा खिलाने का काम कर रहा था।
पुलिस ने जब्त किए मोबाइल, कैश और लग्जरी कारें
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से 5 मोबाइल फोन, 6 हजार रुपये नगद और दो महंगी चारपहिया वाहन जब्त किए। जिसकी कुल कीमत लगभग 55 लाख रुपये की आंकी गई है।
भाई पहले से जेल में, अब दूसरा भाई भी गिरफ्तार
इस मामले का एक और चौंकाने वाला पहलू सामने आया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी आयुष जैन का भाई पीयूष जैन पहले से ऑनलाइन सट्टे के मामले में जेल में बंद है। उसे 31 जनवरी 2026 को 37.50 लाख रुपये नगद के साथ गिरफ्तार किया गया था।
2026 में अब तक 74 ऑनलाइन सटोरिए गिरफ्तार
रायपुर पुलिस के मुताबिक कमिश्नरेट व्यवस्था लागू होने के बाद वर्ष 2026 में अब तक ऑनलाइन सट्टे के 15 मामलों में 74 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इन मामलों में करीब 3.53 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई है, जिसमें लाखों की नगदी, सैकड़ों मोबाइल फोन, लैपटॉप और वाहन शामिल हैं।
फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है। शुरुआती जांच में इस ऑनलाइन सट्टा गिरोह के तार दूसरे राज्यों से भी जुड़े होने के संकेत मिले हैं।


