छत्तीसगढ़ के बालोद जिला में गंगरेल नहर फूटने से हालात गंभीर हो गए हैं। करहीभदर से मुजगहन के बीच नहर टूटने के कारण हजारों लीटर पानी लगातार बह रहा है, जिससे आसपास के किसानों के खेतों में पानी भर गया है और कई खेत तालाब में तब्दील हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार, यह नहर गंगरेल जलाशय से निकलती है और चिरईगोड़ी के पास तांदूला नहर में मिलती है। इसी नहर के जरिए भिलाई इस्पात संयंत्र को भी पानी की आपूर्ति की जाती है।
ग्रामीणों का आरोप है कि नहर की स्थिति लंबे समय से जर्जर थी, लेकिन सिंचाई विभाग ने समय रहते कोई ध्यान नहीं दिया, जिसके चलते यह स्थिति उत्पन्न हुई है।
मामले में बालोद जिला जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता पीयूष देवांगन ने बताया कि संबंधित नहर धमतरी जिला के रुद्री डिवीजन और गुरुर सब-डिवीजन के अंतर्गत आती है, जो आगे बालोद जिला की तांदूला नहर से जुड़ती है।
उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारियों को सूचना दे दी गई है और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
फिलहाल भीषण गर्मी के बीच इस तरह पानी का बर्बाद होना विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है।


