छत्तीसगढ़। कोरबा जिले से एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है। दर्री थाना क्षेत्र के ग्राम नवागांव (झाबू) में रविवार को छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल के राखड़ बांध (ऐश डाइक) के अचानक फूटने से बड़ा हादसा हो गया। राख और पानी के तेज सैलाब में काम कर रही जेसीबी मशीन बह गई, जिसमें दबकर ऑपरेटर की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, तीन मजदूरों ने किसी तरह जान बचा ली।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नवागांव झाबू स्थित राखड़ बांध में मरम्मत और रखरखाव का कार्य चल रहा था। इसी दौरान बांध का एक हिस्सा अचानक भरभराकर ढह गया। देखते ही देखते भारी मात्रा में राख और पानी नीचे की ओर तेजी से बहने लगा।
मौके पर मौजूद जेसीबी मशीन और मजदूर इस सैलाब की चपेट में आ गए। जेसीबी चालक मशीन सहित बह गया और पलटने के बाद वह राख के मलबे में दब गया। अफरा-तफरी के बीच अन्य मजदूरों ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई।
हादसे में मृतक की पहचान उरगा थाना क्षेत्र के ग्राम संडेल निवासी अमित कुमार (22 वर्ष), पिता हुलेश्वर कश्यप के रूप में हुई है। वह दो भाइयों में सबसे बड़ा था और परिवार की जिम्मेदारी उसी के कंधों पर थी।
मलबे में दबे ऑपरेटर को कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया और कटघोरा अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही दर्री थाना पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय ग्रामीणों और पुलिस टीम ने मिलकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। भारी मलबे को हटाने में करीब दो घंटे का समय लगा, तब जाकर शव को बाहर निकाला जा सका।
ग्रामीणों में आक्रोश, लापरवाही के आरोप
हादसे के बाद इलाके में आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों का आरोप है कि विद्युत मंडल द्वारा बांध की मरम्मत में भारी लापरवाही बरती जा रही थी।
- जोखिम के बावजूद मजदूरों से काम कराया जा रहा था
- बांध पहले से जर्जर स्थिति में था
- सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया
जिम्मेदारी पर उठे सवाल
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल का प्रभार प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के पास है, जबकि प्रदेश के उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन स्वयं कोरबा से विधायक हैं।
इसके बावजूद राखड़ बांधों में लगातार हो रहे हादसे कई गंभीर सवाल खड़े करते हैं—
👉 क्या उद्योगों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है?
👉 मजदूरों की जान की कीमत आखिर कौन तय करेगा?
कोरबा का यह हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सिस्टम की लापरवाही का गंभीर उदाहरण बनकर सामने आया है। यदि समय रहते सुरक्षा उपायों को सख्ती से लागू नहीं किया गया, तो ऐसे हादसे भविष्य में और भी बड़ी त्रासदी का रूप ले सकते हैं।


