रायपुर। राजधानी रायपुर में पुलिस ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स रैकेट का खुलासा करते हुए नाइजीरियन नागरिक सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस गिरोह का नेटवर्क देश से लेकर विदेश तक फैला हुआ था और नशे का कारोबार बेहद शातिर तरीके से संचालित किया जा रहा था। खास बात यह रही कि ड्रग्स की सप्लाई बीपी मशीन के डिब्बों में छिपाकर कोरियर के माध्यम से की जाती थी, जिससे किसी को शक न हो।
कमिश्नरेट पुलिस की इस कार्रवाई को बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 9 लाख 70 हजार रुपए नकद, पांच मोबाइल फोन और तीन चेकबुक जब्त किए हैं। बताया जा रहा है कि इस पूरे रैकेट का संचालन नाइजीरिया से किया जा रहा था।
दरअसल, मामले की शुरुआत 19 मार्च को हुई, जब देवेंद्र नगर थाना पुलिस ने एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के साथ मिलकर एक निजी अस्पताल में दबिश दी थी। यहां से कृष्ण गोपाल अग्रवाल और विजय अग्रवाल नामक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। उनके पास से 4.55 ग्राम कोकीन, जिसकी कीमत करीब 2 लाख 27 हजार 500 रुपए बताई गई, एक कार और एक मोबाइल फोन बरामद किया गया था।
इन आरोपियों से पूछताछ के दौरान मामले की परतें खुलती चली गईं। पुलिस को पता चला कि कोकीन की सप्लाई एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह के जरिए की जा रही है, जिसका सरगना नाइजीरियन नागरिक है। यह गिरोह दिल्ली में रहकर छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में ड्रग्स पहुंचा रहा था।
जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस टीम दिल्ली पहुंची, जहां तिलक नगर इलाके में दबिश देकर सन्नी शर्मा (26) और नाइजीरिया निवासी तोचकू अफामे उर्फ प्रिंस चार्ल्स (38) को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में दोनों ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए।
आरोपियों ने बताया कि ड्रग्स को बीपी मशीन के डिब्बों में छिपाकर कोरियर के जरिए भेजा जाता था। इस पूरे नेटवर्क का संचालन नाइजीरिया में बैठा “चिची” नाम का शख्स कर रहा था। वहीं, सन्नी शर्मा ने कमीशन के लालच में अपना बैंक खाता नाइजीरियन गिरोह को दे रखा था, जिसका इस्तेमाल ड्रग्स के पैसों के लेन-देन में किया जा रहा था।
इधर, एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट की कार्रवाई लगातार जारी है। वर्ष 2026 में अब तक नारकोटिक्स एक्ट के तहत 36 मामलों में 93 आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। पुलिस ने इन मामलों में भारी मात्रा में गांजा, एमडीएमए, कोकीन, नशीली गोलियां, सिरप सहित वाहन, मोबाइल और हथियार भी जब्त किए हैं।
रायपुर पुलिस की इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि नशे के कारोबार के खिलाफ सख्ती लगातार बढ़ रही है। साथ ही यह भी साफ हो गया है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैले ऐसे नेटवर्क अब कानून के शिकंजे से ज्यादा दिनों तक बच नहीं सकते।


