देश के परिवहन ढांचे में एक ऐतिहासिक बदलाव की शुरुआत हो चुकी है। भारत में पहली बार बिना रुके टोल वसूली प्रणाली (MLFF – Multi Lane Free Flow Tolling System) को लागू कर दिया गया है। इस नई तकनीक के बाद अब वाहन चालकों को टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं पड़ेगी, बल्कि गाड़ी चलते-चलते ही टोल शुल्क स्वतः कट जाएगा।
यह नई व्यवस्था फिलहाल गुजरात के राष्ट्रीय राजमार्ग NH-48 पर लागू की गई है, जिसे देश का पहला फ्री-फ्लो टोल कॉरिडोर माना जा रहा है।
कैसे काम करता है नया सिस्टम?
इस तकनीक में दो प्रमुख तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है:
- FASTag
- Automatic Number Plate Recognition (ANPR)
जैसे ही वाहन टोल क्षेत्र से गुजरता है:
- कैमरे गाड़ी का नंबर स्कैन करते हैं
- FASTag से लिंक बैंक खाते से पैसा कट जाता है
- किसी भी प्रकार की रुकावट या बैरियर नहीं होता
वाहन चालकों को क्या फायदा?
नई व्यवस्था से यात्रियों को कई बड़े फायदे मिलेंगे:
- टोल पर लगने वाली लंबी कतारों से छुटकारा
- समय की बचत
- ईंधन की बचत
- ट्रैफिक जाम में कमी
सरकार का उद्देश्य क्या है?
सरकार का लक्ष्य देशभर के राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटल और ऑटोमैटिक बनाना है। इससे न केवल ट्रैफिक सुचारू होगा, बल्कि टोल चोरी की घटनाओं पर भी रोक लगेगी।
अधिकारियों के अनुसार, अगर यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है, तो आने वाले समय में इसे देश के सभी प्रमुख हाईवे पर लागू किया जाएगा।

