रायपुर/सारंगढ़-बिलाईगढ़/सक्ती। जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में हुए आतंकी हमले ने छत्तीसगढ़ के दो गरीब परिवारों की दुनिया उजाड़ दी। रोजगार की तलाश में घर से हजारों किलोमीटर दूर मजदूरी करने गए सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के छुईहा गांव निवासी भूपेंद्र भैना (28) और सक्ती जिले के बुंदेली निवासी दीपक रात्रे (21) की इस हमले में मौत हो गई। दोनों की मौत की खबर मिलते ही उनके गांवों में मातम पसर गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है।
भूपेंद्र भैना अपनी पत्नी के साथ मजदूरी करने जम्मू-कश्मीर गए थे। कुलगाम में हुए आतंकी हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बाद उनका श्रीनगर के अस्पताल में इलाज चल रहा था, लेकिन देर रात उन्होंने दम तोड़ दिया। भूपेंद्र अपने पीछे दो साल के मासूम बेटे मानस, वृद्ध दादी, बहन और पूरे परिवार को छोड़ गए हैं। उनके माता-पिता रोजगार के सिलसिले में हिमाचल प्रदेश में हैं।
वहीं, सक्ती जिले के मालखरौदा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत बुंदेली निवासी 21 वर्षीय दीपक रात्रे भी करीब एक वर्ष पहले अपने परिवार के साथ जम्मू-कश्मीर के एक ईंट-भट्ठे में मजदूरी करने गए थे। शुक्रवार रात हुए आतंकी हमले में उनकी भी मौत हो गई। दीपक बचपन से अपने मामा के गांव हरदीडीह में रहकर पढ़ाई करते थे और उनकी शादी भी वहीं हुई थी। वह अपने पीछे पत्नी और एक मासूम बच्चे को छोड़ गए हैं।
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस दोनों परिवारों के गांव पहुंची। सारंगढ़-बिलाईगढ़ में कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू और पुलिस अधीक्षक सुनील शर्मा ने भूपेंद्र के परिजनों से मुलाकात कर हरसंभव सहायता का भरोसा दिया। दूसरी ओर सक्ती जिले में भी प्रशासन ने परिजनों से संपर्क कर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।
दोनों परिवार आर्थिक रूप से कमजोर हैं और मजदूरी कर अपने घर का पालन-पोषण करते थे। आतंकियों के इस कायराना हमले ने दो मासूम बच्चों से उनके पिता का साया छीन लिया और दो परिवारों का इकलौता सहारा खत्म कर दिया।
अब दोनों गांवों के लोगों की मांग है कि राज्य और केंद्र सरकार पीड़ित परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता, पुनर्वास और हरसंभव मदद उपलब्ध कराए। साथ ही पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द उनके गृहग्राम पहुंचाकर पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कराया जाए।
कुलगाम का यह आतंकी हमला केवल दो व्यक्तियों की मौत नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के दो परिवारों के सपनों और भविष्य पर गहरा आघात है। पूरे प्रदेश में इस घटना को लेकर शोक और आतंकवाद के खिलाफ गुस्सा देखा जा रहा है।

