DURGESH YADAV
जांजगीर-चांपा जिले में सोशल मीडिया पर वायरल हुए कथित ऑडियो मामले ने बड़ा प्रशासनिक और राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। मामले में छत्तीसगढ़ शासन ने सख्त रुख अपनाते हुए हसदेव नहर जल प्रबंध संभाग में पदस्थ कार्यपालन अभियंता (ईई) शशांक सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। जल संसाधन विभाग द्वारा जारी आदेश के बाद विभागीय अमले में हड़कंप मच गया है।
बताया जा रहा है कि सोशल मीडिया पर एक कथित ऑडियो क्लिप तेजी से वायरल हुई थी, जिसमें ईई शशांक सिंह अपने अधीनस्थ वाहन चालक शशिकांत साहू से मोबाइल फोन पर बातचीत के दौरान अभद्र और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते सुनाई दे रहे थे। वायरल ऑडियो में जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के प्रति भी अशोभनीय टिप्पणियां किए जाने की बात सामने आई है।
मामला सार्वजनिक होने के बाद प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया। कलेक्टर कार्यालय से विस्तृत जांच प्रतिवेदन शासन को भेजा गया, जिसके बाद पूरे मामले की जांच की गई। जांच प्रतिवेदन और वायरल ऑडियो के परीक्षण के बाद जल संसाधन विभाग ने इसे छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 का स्पष्ट उल्लंघन माना।

इसके बाद छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत कार्रवाई करते हुए ईई शशांक सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया गया।
जारी आदेश के अनुसार निलंबन अवधि के दौरान शशांक सिंह का मुख्यालय प्रमुख अभियंता कार्यालय, शिवनाथ भवन, नया रायपुर अटल नगर निर्धारित किया गया है। साथ ही उन्हें नियमानुसार केवल जीवन निर्वाह भत्ता ही दिया जाएगा।
शासन की इस कार्रवाई को विभागीय अनुशासन और प्रशासनिक मर्यादा बनाए रखने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। पूरे घटनाक्रम के बाद जिले में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच भी मामले को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। प्रशासनिक हलकों में इसे सरकारी सेवा में आचरण नियमों के उल्लंघन पर सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
यह आदेश जल संसाधन विभाग के उप सचिव रविंद्र कुमार मेढेकर के हस्ताक्षर से जारी किया गया है।


