भाई की गलती माफ करना बहन को पड़ गया भारी, शिकायत वापस लेते ही भाई ने उतार दिया मौत के घाट
CHHATTISGARH
बालोद जिले के देवरी थाना क्षेत्र के ग्राम परसुली से सामने आई यह घटना सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि भरोसे, रिश्तों और एक बहन की टूट चुकी उम्मीदों की दर्दनाक कहानी है। जिस भाई को बचाने के लिए एक बहन ने पुलिस में की गई शिकायत तक वापस ले ली, उसी भाई ने कुछ घंटों बाद उसकी जिंदगी छीन ली।
18 वर्षीय तनीषा सोनकर को शायद आखिरी वक्त तक यही भरोसा था कि उसका भाई गुस्से में है, लेकिन समझाने पर सुधर जाएगा। यही सोचकर उसने पुलिस से कहा था कि उसके भाई पर कोई कार्रवाई न की जाए। मां के साथ मिलकर उसने शिकायत वापस ले ली। परिवार टूटने से बच जाए, भाई जेल न जाए, घर में शांति बनी रहे… शायद यही सोच उसके मन में रही होगी। लेकिन उसे क्या पता था कि उसकी यही माफी उसकी जिंदगी की आखिरी गलती बन जाएगी।
जानकारी के मुताबिक तनीषा अपने बड़े पिताजी के घर रहती थी। शादी और पारिवारिक बातों को लेकर उसका अपने भाई कुबेर उर्फ पुकेश सोनकर से विवाद चल रहा था। विवाद इतना बढ़ा कि भाई ने उसके साथ मारपीट की, जिसके बाद तनीषा देवरी थाना पहुंची और शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस भी तुरंत हरकत में आई और आरोपी के घर पहुंची।
लेकिन वहां पहुंचकर तनीषा का दिल बदल गया। उसने मां के साथ पुलिस से कहा — “भैया सुधर जाएगा… कार्रवाई मत कीजिए…”
पुलिस ने भी समझाइश देकर आरोपी को छोड़ दिया और वापस लौट आई।
शायद तनीषा को अपने भाई पर जरूरत से ज्यादा भरोसा था। उसे लगा होगा कि अब सब ठीक हो जाएगा। लेकिन उसी घर में, उसी शाम, उसका भरोसा खून से लथपथ होकर टूट गया।
शुक्रवार शाम करीब 4 बजे तनीषा घर में बेफिक्र होकर सो रही थी। उसे अंदाजा भी नहीं था कि जिस भाई को वह बचाकर लाई है, वही उसके सिरहाने मौत बनकर खड़ा है। गुस्से में भरे कुबेर उर्फ पुकेश ने धारदार कैंची उठाई और अपनी ही बहन के गले पर हमला कर दिया। घर में चीख-पुकार मच गई। खून से लथपथ तनीषा को तुरंत देवरी अस्पताल ले जाया गया, जहां से गंभीर हालत में उसे मेडिकल कॉलेज राजनांदगांव रेफर किया गया।
डॉक्टरों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन जिंदगी की जंग हारकर तनीषा ने दम तोड़ दिया।
जिस बहन ने अपने भाई को जेल जाने से बचाया, वही बहन कुछ घंटों बाद उसकी दरिंदगी का शिकार बन गई। घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। हर कोई यही कह रहा है कि अगर शिकायत वापस नहीं ली गई होती, तो शायद आज तनीषा जिंदा होती।
देवरी पुलिस ने आरोपी कुबेर उर्फ पुकेश सोनकर को गिरफ्तार कर लिया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है और आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
यह घटना सिर्फ एक परिवार का दर्द नहीं, बल्कि समाज के लिए भी एक बड़ा सवाल है — आखिर कब तक बेटियां रिश्तों को बचाने के लिए अपनी सुरक्षा से समझौता करती रहेंगी? और कब तक “भाई सुधर जाएगा” जैसी उम्मीदें उनकी जिंदगी छीनती रहेंगी?


