Chhattisgarh/ बालोद जिले के दल्ली राजहरा में 12 मई की शाम हुए दर्दनाक हादसे में बड़ा अपडेट सामने आया है। BSP के टाउनशिप क्षेत्र स्थित फुटबॉल ग्राउंड के पास सीवरेज लाइन का काम चल रहा था, जहां मिट्टी धंसने से हादसे में एक महिला समेत तीन मजदूरों की मौत हो गई थी।
अब इस पूरे मामले में BSP प्रबंधन और ठेकेदार के खिलाफ दल्ली राजहरा थाना में गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है और जांच के बाद अन्य धाराएं भी जोड़े जाने की संभावना जताई जा रही है।
जानकारी के मुताबिक मजदूरों को बिना पर्याप्त सुरक्षा उपकरणों के गहरे गड्ढे में उतारा गया था। ना हेलमेट, ना सेफ्टी बेल्ट, ना मजबूत सपोर्ट सिस्टम और ना ही मिट्टी धंसने से रोकने के लिए सुरक्षा बैरिकेडिंग की उचित व्यवस्था थी। इतनी बड़ी खुदाई के बावजूद सुरक्षा मानकों की अनदेखी आखिर किसके इशारे पर की गई, यह अब जांच का विषय बन गया है।
घटना के बाद करीब 5 घंटे तक लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया था। कड़ी मशक्कत के बाद मिट्टी में दबे मजदूरों के शव बाहर निकाले गए थे। हादसे के बाद मौके पर सांसद भोजराज नाग भी पहुंचे थे और पूरे घटनास्थल का जायजा लिया था।
वहीं हादसे में लापरवाही को लेकर BSP प्रबंधन ने पहले ही अपने दो अधिकारियों डीजीएम मंगेश सेलकर और एजीएम रमेश हेडाऊ को निलंबित कर दिया था।
इस दर्दनाक हादसे में बैसाखीन बाई निवासी वार्ड क्रमांक 2 दल्ली राजहरा, किशुन सोरी निवासी वार्ड क्रमांक 7 दल्ली राजहरा और राकेश दास मानिकपुरी निवासी ग्राम भैंसबोड़ की मौत हुई थी।
घटना के दूसरे दिन मृतकों के परिजनों ने मुआवजा और नौकरी की मांग को लेकर जमकर हंगामा भी किया था, जिसके बाद प्रशासन, BSP प्रबंधन और ठेकेदार के बीच सहमति बनी थी।


