छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में नवगठित नगर पंचायत पलारी का पहला चुनाव अब पूरी तरह चुनावी रण में तब्दील हो चुका है। नगर पंचायत गठन के बाद होने जा रहे इस ऐतिहासिक चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस-दोनों ही राष्ट्रीय दलों ने अध्यक्ष पद और पार्षद पद के प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। इसके साथ ही पलारी में चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है और दोनों दल जीत दर्ज करने के लिए पूरी ताकत झोंकते नजर आ रहे हैं।
इस चुनाव की सबसे बड़ी खासियत यह है कि नगर पंचायत बनने के बाद पलारी में पहली बार मतदान होने जा रहा है। ऐसे में यहां का पहला अध्यक्ष कौन बनेगा, इसे लेकर लोगों में भारी उत्सुकता देखी जा रही है। राजनीतिक जानकार भी इस चुनाव को बेहद महत्वपूर्ण मान रहे हैं, क्योंकि यहां जीत दर्ज करने वाली पार्टी आने वाले समय में क्षेत्र की राजनीतिक दिशा तय करने में बड़ी भूमिका निभा सकती है।
भारतीय जनता पार्टी ने अध्यक्ष पद के लिए लखनलाल गुरुपंच को अपना अधिकृत प्रत्याशी बनाया है। भाजपा संगठन प्रत्याशी की जीत सुनिश्चित करने के लिए लगातार रणनीति बनाने में जुटा हुआ है। पार्टी के स्थानीय नेताओं से लेकर जिला और प्रदेश स्तर के पदाधिकारी भी सक्रिय हो चुके हैं। भाजपा कार्यकर्ताओं में भी चुनाव को लेकर खासा उत्साह दिखाई दे रहा है।
वहीं कांग्रेस ने अध्यक्ष पद के लिए यानेश साहू पर भरोसा जताया है। कांग्रेस प्रत्याशी यानेश साहू आज अपने 15 पार्षद प्रत्याशियों के साथ शक्ति प्रदर्शन करते हुए नामांकन दाखिल करने पहुंचेंगे। कांग्रेस की इस नामांकन रैली को शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है। जानकारी के अनुसार इस दौरान बालोद जिले के तीनों विधानसभा क्षेत्रों के विधायक भी मौजूद रहेंगे, जिससे कांग्रेस कार्यकर्ताओं का उत्साह काफी बढ़ गया है। पार्टी इसे जनता के बीच अपनी मजबूत उपस्थिति दिखाने का बड़ा अवसर मान रही है।
दूसरी ओर भाजपा भी किसी तरह पीछे रहने के मूड में नजर नहीं आ रही है। भाजपा प्रत्याशी लखनलाल गुरुपंच के समर्थन में प्रदेश के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव आज पलारी पहुंचने वाले हैं। मंत्री के आगमन को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह का माहौल है। माना जा रहा है कि उनके दौरे से पार्टी कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार होगा और चुनाव प्रचार को और मजबूती मिलेगी।
नगर पंचायत पलारी के इस चुनाव में स्थानीय मुद्दों के साथ-साथ राजनीतिक प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी हुई है। कांग्रेस, भाजपा सरकार की नाकामी, स्थानीय समस्याओं को लेकर जनता के बीच पहुंच रही है। कांग्रेस नेता लगातार क्षेत्र में सक्रिय होकर मतदाताओं को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रहे हैं। दोनों ही दलों के समर्थक अपने-अपने प्रत्याशियों की जीत का दावा करते नजर आ रहे हैं, जिससे पलारी का चुनावी माहौल पूरी तरह गर्म हो चुका है।
इधर भाजपा ने भी अपनी चुनावी तैयारी को अंतिम रूप देते हुए नगर पंचायत पलारी के 15 वार्डों में से 14 वार्डों के लिए पार्षद प्रत्याशियों के नामों की घोषणा कर दी है। पार्टी संगठन बूथ स्तर तक चुनावी रणनीति बनाने में जुट गया है। भाजपा नेता इसे विकास और संगठन की ताकत का चुनाव बता रहे हैं, जबकि कांग्रेस इसे स्थानीय मुद्दों और जनता की नाराजगी से जोड़कर देख रही है।
नगर पंचायत बनने के बाद हो रहे इस पहले चुनाव में दोनों ही दल अपनी प्रतिष्ठा दांव पर लगाए हुए हैं। यही वजह है कि प्रदेश स्तर के नेताओं का लगातार पलारी दौरा भी शुरू हो गया है। अब देखना दिलचस्प होगा कि जनता नगर पंचायत के पहले चुनाव में किस पार्टी पर भरोसा जताती है और किसे पलारी के प्रथम अध्यक्ष और पार्षद बनने का अवसर मिलता है।
1 जून को मतदान होगा जबकि 4 जून को चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे। अब देखना दिलचस्प होगा कि पलारी नगर पंचायत के पहले चुनाव में जनता किस पार्टी पर भरोसा जताती है और नगर पंचायत का प्रथम अध्यक्ष बनने का गौरव किस प्रत्याशी को मिलता है। फिलहाल पूरे क्षेत्र में चुनावी चर्चाओं का दौर तेज है और पलारी का यह चुनाव जिले की सबसे चर्चित राजनीतिक लड़ाइयों में शामिल हो गया है।


