बालोद में सनसनी: धारदार हंसिया से गला काटते हुए गांव में घूमता रहा युवक, पुलिस ने पहुंचाया अस्पताल
सनौद थाना क्षेत्र के बेलोदी गांव की घटना, घायल युवक भेड़ियानवागांव का रहने वाला
अजय आग्रवाल बालोद
बालोद। जिले के थाना बालोद क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बेलोदी के ठाकुर गली में सोमवार की सुबह एक युवक द्वारा हंसिया से अपना गला रेतकर आत्महत्या का प्रयास करने का मामला सामने आया है। गंभीर चोट लगने के बाद भी युवक गांव में घूमता रहा, जिसके चलते पूरे गांव में दहशत का माहौल बन गया। हाथ में हंसिया पकड़े होने के कारण डर और खौफ के चलते कोई भी ग्रामीण उसके पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और घायल युवक को उपचार के लिए जिला अस्पताल बालोद पहुंचाया, जहां से उसे हायर सेंटर रायपुर रेफर कर दिया गया।
गला रेतने के बाद गांव में घूमता रहा युवक, ग्रामीणों में दहशत
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम भेड़िया नवागांव, थाना बालोद निवासी नरेंद्र रावटे सोमवार की सुबह साइकिल से ग्राम बेलोदी के ठाकुर गली पहुंचा था। बताया जा रहा है कि युवक ने स्वयं हंसिया से अपना गला रेतकर गंभीर चोट पहुंचाई। इसके बाद वह हाथ में हंसिया पकड़े गांव में घूमता रहा। इस घटना से ग्रामीणों के बीच भय का माहौल निर्मित हो गया।
युवक को इस स्थिति में घूमते देखकर देखते ही देखते सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण इकट्ठा हो गए। ग्रामीण लगातार नरेंद्र से हसिया फेंकने की गुहार लगाते रहे, ताकि स्थिति सामान्य हो सके और किसी अन्य व्यक्ति को नुकसान न पहुंचे। हालांकि, उसके हाथ में हंसिया होने के चलते ग्रामीणों में डर बना रहा और कोई भी उसके पास जाने की हिम्मत नहीं कर पा रहा था।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही चौकी हल्दी प्रभारी लता तिवारी अपने स्टाफ के साथ तत्काल घटनास्थल पर पहुंचीं। पुलिस ने मौके की स्थिति का जायजा लिया और 112 वाहन के माध्यम से घायल नरेंद्र रावटे को उपचार के लिए जिला अस्पताल बालोद पहुंचाया।
युवक के गर्दन में गहरी एवं गंभीर चोट होने की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि गर्दन की नस कटने के कारण उसकी स्थिति गंभीर थी। पुलिस की त्वरित कार्रवाई के बाद उसे चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई।
पुलिस ने नरेंद्र के पिता बालचंद रावटे से मोबाइल के माध्यम से संपर्क कर उसके संबंध में जानकारी ली। पिता ने बताया कि बीते कुछ दिनों से नरेंद्र की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। उन्होंने यह भी बताया कि नरेंद्र सोमवार सुबह ही अपने घर से साइकिल लेकर निकला था।
घटना के कारणों की जांच जारी…
नरेंद्र रावटे को जिला अस्पताल बालोद में उपचार के लिए भर्ती कराया गया था, हालत गंभीर होने के चलते उसे हायर सेंटर रायपुर रेफर कर दिया गया। घटना के पीछे के वास्तविक कारणों और युवक की मानसिक स्थिति से जुड़े पहलुओं की जानकारी पुलिस द्वारा जुटाई जा रही है। घटनास्थल पर मौजूद ग्रामीणों से पूछताछ कर पुलिस पूरे मामले की परिस्थितियों को समझने का प्रयास कर रही है।
