दुर्ग में मंत्री का अनोखा अंदाज बना चर्चा का विषय, आम नागरिक की तरह ई-रिक्शा में किया सफर
दुर्ग।
छत्तीसगढ़/ राजनीति में अक्सर नेताओं के लंबे काफिले, लग्जरी गाड़ियां और वीआईपी संस्कृति देखने को मिलती है, लेकिन दुर्ग जिले में उस समय लोग हैरान रह गए जब प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव अपनी सरकारी फॉर्च्यूनर और एसी वाहनों को छोड़कर एक साधारण ई-रिक्शा में सफर करते नजर आए। मंत्री का यह सादगीभरा अंदाज अब पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों से ईंधन बचाने और पर्यावरण संरक्षण को लेकर की गई अपील से प्रेरित होकर मंत्री गजेंद्र यादव ने यह कदम उठाया। उन्होंने न केवल खुद ई-रिक्शा में सफर किया, बल्कि लोगों को भी पर्यावरण के प्रति जागरूक रहने और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को अपनाने का संदेश दिया।
बताया जा रहा है कि मंत्री यादव सुबह से ही दुर्ग शहर में अलग-अलग कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए ई-रिक्शा से पहुंचे। उन्होंने दो अलग-अलग स्थानों पर भूमि पूजन कार्यक्रम में भाग लिया और बाद में जनदर्शन कार्यक्रम के जरिए आम लोगों की समस्याएं भी सुनीं। इस दौरान सबसे खास बात यह रही कि जहां आमतौर पर मंत्रियों के साथ सुरक्षाकर्मियों और गाड़ियों का लंबा काफिला चलता है, वहीं गजेंद्र यादव केवल एक पीएसओ (PSO) के साथ सामान्य नागरिक की तरह ई-रिक्शा में सफर करते दिखाई दिए।
सड़कों पर मंत्री को ई-रिक्शा में बैठा देख लोग आश्चर्यचकित रह गए। कई लोगों ने अपने मोबाइल फोन से वीडियो और तस्वीरें भी कैद कीं। आम जनता ने मंत्री के इस कदम की सराहना करते हुए इसे पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सकारात्मक संदेश बताया।
मंत्री गजेंद्र यादव से जब पूछा कि भीषण गर्मी में एसी से लैस सरकारी गाड़ियों को छोड़कर ई-रिक्शा में सफर करने पर उन्हें कैसा महसूस हो रहा है, तो उनका जवाब भी उतना ही दिलचस्प रहा। मुस्कुराते हुए मंत्री ने कहा, “आप खुद बैठकर देखिए, मुझे इसमें और फॉर्च्यूनर में कोई अंतर नहीं दिख रहा है। इसमें तो गर्मी का अहसास भी नहीं हो रहा। यह बिना पेट्रोल के बैटरी से चल रहा है, जो अपने आप में बहुत बड़ी बात है।”
मंत्री के इस बयान के बाद मौके पर मौजूद लोग भी मुस्कुरा उठे। उन्होंने आगे कहा कि यदि छोटे-छोटे स्तर पर भी ईंधन बचाने की कोशिश की जाए तो इसका बड़ा असर देश और पर्यावरण दोनों पर पड़ सकता है। उन्होंने यह भी संकेत दिए कि वे आने वाले समय में भी अधिक से अधिक इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग करने का प्रयास करेंगे।
गौरतलब है कि देशभर में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें लगातार अभियान चला रही हैं। ऐसे में किसी मंत्री द्वारा खुद ई-रिक्शा का उपयोग करना लोगों के बीच सकारात्मक संदेश देने वाला कदम माना जा रहा है।
दुर्ग में मंत्री गजेंद्र यादव का यह अनोखा अंदाज अब सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। लोग इसे सादगी, पर्यावरण संरक्षण और जनता से जुड़ाव की मिसाल बता रहे हैं।


